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सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती

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भारत के महान पराक्रमी, क्षत्रिय शलाका पुरुष, सनातन संस्कृति के संवाहक, शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक, सम्राट पृथ्वीराज चौहान का आज जन्मोत्सव है। इस खास दिन पर, इस महावीर योद्धा को कोटि-कोटि नमन है। लेकिन विषय बेहद बड़ा है कि आधुनिक समय में, जातीय और धार्मिक समाज ने इन वीर सपूतों को जयंती और पुण्यतिथि में समेट कर रख दिया है। महाराणा प्रताप, बाबू वीर कुँवर सिंह, बाजीराव पेशवा, क्षत्रपति शिवाजी, राणा सांगा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, राजगुरु, बहादुर शाह जफर जैसे, महान देशभक्त को सिर्फ किताबों के जरिये पढ़ रहे हैं और इन्हें जयंती और पुण्यतिथि में कैद कर के रख दिया गया है। यही वजह है कि ऐसे प्रतापियों की तरह का, एक भी शख्सियत, आज के समाज में पैदा नहीं ले रहा है। इन महान आत्माओं को अपने वजूद में समा कर रखने की जरूरत है। इन्हें आत्मसात करने की जरूरत है। जयंती और पुण्यतिथि मनाकर, ऐसे वीर योद्धाओं का पुनर्जन्म असम्भव है। मूल की जगह, प्रपंच और नाटक हो रहे हैं। जरा विचार कीजियेगा कि आखिर ऐसे महापुरुष, आधुनिक काल में, एक भी क्यों नहीं जन्म ले सके हैं !!!!! 7 ...

आज ही के दिन राजगढ़ ने खोया था कोहिनूर

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राजगढ़ सादुलपुर के लिए ही नहीं, राजस्थान पुलिस के लिए भी 23 मई 2020 का दिन काला दिवस रहा, जिस दिन राजगढ़ सादुलपुर क्षेत्र की जनता के लिए मसीहा जैसे बन चुके दबंग अधिकारी, "सिंघम" विष्णु जी बिश्नोई सभी को छोड़कर हमेशा हमेशा के लिए चले गए... राजस्थान के पुलिस महानिरीक्षक निदेशक ने माना था कि विष्णु बिश्नोई राजस्थान के टॉप 10 पुलिस अधिकारियों में एक थे। ऐसे व्यक्तित्व को का चला जाना राजगढ़ सादुलपुर क्षेत्र की जनता सहित समूचे राजस्थान पुलिस महकमे के लिए अपूरणीय क्षति हुई। ना जाने क्या कारण था और कौन सी ऐसी मजबूरी आन पड़ी की जनप्रिय व लोकनायक जैसी छवि बना चुके राजगढ़ के तत्कालीन थानाधिकारी विष्णु जी बिश्नोई को दुनियां छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। आज 22 मई 2021 को प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें आप हम सभी की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि, शत: शत: नमन🙏🏼🙏🏼🙏🏼 विष्णु जी तो अब कभी नहीं आ सकते, मगर काश विष्णु जी जैसे पुलिस अधिकारी पुनः पुनः इस क्षेत्र की जनता को सेवा के लिए उपलब्ध हो सके...

Covid19 Updates Rajgarh

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राजगढ़ सादुलपुर क्षेत्र के कोरोना जांच सैम्पल की 23 मई को मिली रिपोर्ट में 20 नए पॉजिटिव मिले हैं। 22 मई को कुल 195 सैंपल भिजवाए गए थे, जिनमें से 20 संक्रमित मिले हैं। यह सुखद बात है कि संक्रमितों की संख्या कम हो रही है फिर भी आवश्यकता है कि आप हम सभी सजग रहें।  राजगढ़ तहसील क्षेत्र में अभी भी 807 एक्टिव केस हैं, जबकि 1452 संक्रमित स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

मासूम बालक की डूबने से मौत

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राजगढ़ सादुलपुर के वार्ड 22 में नरडियान मौहल्ला रेलवे फाटक के पास की डिग्गी में 27 मार्च को 7-8 वर्षीय एक मासूम बालक की डूबने से मौत हो गई। मृतक शौयब/सौरभ है, जो माता मंडी के निकट रहने वाले गरीब परिवार बंटी कुचिया का बेटा था, यह लीग कचरे से प्लास्टिक बीन कर इकट्ठा कर परिवार पालते हैं। मिली जानकारी के अनुसार मृतक बालक तथा उसके 2 साथी बालक प्लास्टिक बीनने के लिए उस स्थान पर गए थे। डिग्गी के आसपास काफी मात्रा में प्लास्टिक होने के कारण बच्चे प्लास्टिक बीन रहे थे। उसी दौरान मृतक बच्चे का पांव फिसल गया। बताया यह जा रहा है कि साथ वाले बच्चों ने सौयब का हाथ पकड़ कर बचाने का प्रयास किया मगर जब उसका हाथ छूट गया तो बच्चे भी डर कर भाग गए बताते हैं। जब घटना का मोहल्ले वालों को पता लगा तो उन्होंने हल्ला मचाया।  जानकारी मिलते ही चेयरमैन के पति सेवानिवृत्त डीएसपी नियाज मोहम्मद एवं उनके भाई अदरीश के साथ साथ पुलिस भी पहुंच गई। पार्षद हैदर अली भी मौके पर आ गए और सभी ने मिलकर बचाव का प्रयास किया। मोहल्ले के लाला उर्फ यासीन चौहान तथा मिस्त्री का काम करने के लिए यहां आए हुए धनूर...

रामपुरा में गर्भवती महिला की मौत को लेकर ....

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राजगढ़ सादुलपुर से 13 अक्टूबर की सुबह सभी को नमस्कार, आदाब, राम-राम, सलाम के यहां के जाने-माने व्यक्तित्व तथा खाद्य  पदार्थ व्यापार समिति के अध्यक्ष राधेश्याम डोकवे वाला और नगर पालिका के निवर्तमान चेयरमैन जगदीश बैरासरिया का दिल से आभार, बहुत-बहुत धन्यवाद... राजगढ़ तहसील के गांव रामपुरा में गर्भवती महिला की मौत को लेकर जो घटनाक्रम और कशमकश चल रही थी, उसके निस्तारण में इन दोनों महानुभावों ने उदारता के साथ भागीदारी निभाई है। सावर्जनिक कार्यों में समय समय और सक्रिय भागीदारी निभाने वाले भाई राधेश्याम डोकवे वाला के साथ साथ जगदीश बैरासरिया द्वारा पीड़ित परिवार की मदद के लिए एक एक लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की गई, यह निश्चित ही सराहनीय तथा प्रेरणादायक कार्य है। इनके इस महत्वपूर्ण सहयोग से ना सिर्फ मृतका के परिवार को मदद मिलेगी, बल्कि मामले व आंदोलन के समाप्ति में भी यह एक अहम सहयोग कहा जा सकता है। इससे पीड़ित परिवार को ही नहीं प्रशासन को भी निश्चित रूप से राहत मिली होगी, क्योंकि मामला 10 लाख  रुपए के मुआवजे पर अटका हुआ था। जिला प्रशासन और जन प्रतिनिधि प्रयास करते हुए सात ला...

रामपुरा गांव में गर्भवती महिला की मौत का मामला अभी शांत नहीं हो पाया ...

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राजगढ़ सादुलपुर तहसील के रामपुरा गांव में गर्भवती महिला की मौत का मामला अभी शांत नहीं हो पाया है। इस मामले को लेकर चूरू के जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक भी 11अक्टूबर को दोपहर बाद रामपुरा पहुंचे। उन्होंने ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल व  जनप्रतिनिधियों के साथ वार्ता की..... हालांकि ग्रामीणों के विरोध के कारण स्थानीय विधायक डॉ. कृष्णा पूनियां को वार्ता में शामिल नहीं हुई, मगर राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़, भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां तथा सादुलपुर के निवर्तमान विधायक मनोज न्यांगली बैठक में रहे .... करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता बैठक चली, मगर बैठक बेनतीजा रही। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग माने जाने में असमर्थता व्यक्त कर दी। इसके बाद रोषित ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल बैठक को छोड़ कर आ गया। बैठक के बेनतीजा रहने की सूचना मिलते ही आसपास की 10 ग्राम पंचायतों के लोगों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इन ग्राम पंचायतों के सरपंच व अन्य लोग 12 अक्टूबर को रामपुरा पहुंचकर धरने प्रदर्शन में शामिल होंगे .... ...

क्षत्रिय सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार पर विशेष ....

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आप सभी को वेसे पता है १८ सितंबर को पुरे हिन्दुस्तान में क्षत्रिय सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार जी की जयंती बनाते हैं ..... क्षत्रियों को सबसे पहले स्वधर्म आधारित दिनचर्या अर्थात योग, प्राणायाम और व्यायाम के साथ कोई एक मार्शल आर्ट नित्य कर्म में शामिल करनी चाहिए, क्योंकि इतिहास में यवनों, शकों, हूणों, मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक न हमें मार्शल कौम ही बताया है, लेकिन आज उस मार्शल कौम के सैनिक 15 मिनट धूप में नहीं खड़े हो पाते हैं। क्योंकि अब उनके शरीर में शुद्ध अनाज, घी दूध व बलवर्धक भोज्य पदार्थों की जगह दारू, मांस और फ़ास्ट फ़ूड ने ले ली है। अब बचा है तो बस गाड़ी, घर पर वंश की पहचान लिखाकर स्वैग में चलना। वैदिक अर्थो में वर्तमान में बहुत कम क्षत्रिय बचे हैं जो आज भी अपनी प्राचीन दिनचर्या का पालन करते हैं ..... उन्हीं की संतानें भविष्य में नेतृत्व देंगी, लेकिन उनकी भी संख्या सीमित होने से एक सीमित क्षेत्र में ही वह प्रभाव जमा पाएंगे। मनुस्मृति सहित श्रीकृष्ण गीता में मादक पदार्थों का सेवन क्षत्रिय वर्ण के लिए सर्वथा वर्जित है। यहां तक कि स्वयं एक बार सम्राट अशोक को कुछ बीमारी थी, जिस...