नहर व फसल बीमा क्लेम को लेकर चल रही पद यात्रा में किसानों को एकजुट किया
नहर व फसल बीमा क्लेम को लेकर चल रही पद यात्रा में किसानों को एकजुट किया
सादुलपुर - 1 मई से शुरू हुई पद यात्रा सातवें दिन धानोठी बड़ी, धानोठी छोटी, रेजड़ी, गालड़ ,तांबाखेड़ी, दुमकी, ढिगारला हांसियावास, चुबकिया ताल, धांगड़ा, धोलिया व चुबकियागढ़ पहुँची। कामरेड सुनील पूनिया नें बताया कि फसल बीमा क्लेम व नहर की मांग को लेकर चल रही पद यात्रा में किसानों नोजवानो को अपने हक के लिए इक्कठा किया जा रहा है। तथा किसान नोजवान हजारों की संख्या में 22 जून 2022 को राजगढ़ पहुँचेगें। पूनियां नें बताया कि अभी तक सिद्धमुख नहर, चौधरी कुम्भाराम लिफ्ट नहर दोनों के किसानों नें अलग-अलग लड़ाई लड़ी है, लेकिन अबकी बार तीनों नहरों के लिए राजगढ़ व सिद्धमुख का किसान एकजुट होकर आदोलन की लड़ेगा। उन्होंने बताया कि सरकारों की उदासीनता के कारण अब तक राजगढ़ के किसानों को अपने हक से वंचित रखा गया है। राजगढ़ क्षेत्र की 100 बीघा जमीन का किसान हरियाणा से दो बीघा जमीन वाले किसान से तूड़ी लेकर आता है। यदि नहर का जिस समय सर्वे हुआ्र उसी समय नहर आ जाती तो इलाके का किसान कर्ज के बोझ तले नहीं दबता। फसल बीमा में भी सरकार खरीफ-2021 के क्लेम से किसानों को वंचित रखना चाहती है। रबी-2017 का क्लेम अभी तक नहीं आया है। जिन किसानों नें केसीसी बन्द करवा द, उनका क्लेम बाकी पड़ा है। जिन का पटवार मण्डल गलत भर दिया, उनका क्लेम का अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। कई किसानों का रबी-2020 का आधा क्लेम आया एवं आधा बाकी पड़ा है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। किसान बैंक और बीमा कंपनी के दफ्तरों में चक्कर काट रहा है। प्रशासान नें बीमा कंपनी से किसानों की कई बैठक करवाई गई, लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला। बीमा कंपनी नें खरीफ-2021 के गैर ऋणी किसानों की पॉलिसी बिना दस्तावेज की जांच किये अस्वीकार कर दी, उनका भी अभी तक कोई समाधान नही हुआ है। पैदल यात्रा में नरेंद्र ढाका, अजीत सिंह, कृष्ण भोजनिया, राजकुमार, इंद्राज रजपुरिया, महेंद्र ढाका, राजेश भीमसाना, रामचंद्र, विजय गोस्वामी, महेंद्र सहारण व बलबीर चुबकिया ताल आदि उपस्थित रहे।
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