विश्व विख्यात संत आचार्यश्री महाश्रमण का सादुलपुर की धरा पर मंगल पदार्पण

अहिंसा यात्रा के प्रणेता, विश्व विख्यात संत आचार्यश्री महाश्रमण का 17 अप्रेल को सादुलपुर की धरा पर मंगल पदार्पण हुआ तो मानों पूरा क्षेत्र महाश्रमणमय बन गया। सादुलपुर के सभी जैन अजैन मानवता के मसीहा आचार्य श्री महाश्रमण के दर्शन को उमड़ पड़े। जन जन की ऐसी उपस्थिति मानों सद्भावना का संदेश दे रही थी। 
आचार्यश्री प्रातः राजगढ़ के जसकरण सुराणा हवेली से विहार कर महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित सादुलपुर के श्री केसरी चन्द जयसुखलाल सेठिया भवन पहुंचे। आज की पद यात्रा लगभग डेढ़ किलोमीटर की रही किन्तु श्रद्धालुओं की उपस्थिति और श्रद्धालुओं में दर्शन की अभिलाषा के कारण डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग दो घंटे का समय लगा।
आज भी लोगों ने स्थान स्थान पर स्वागत द्वार बनाकर अपनी श्रद्धा भावनाएं व्यक्त की। सादुलपुर की सीमा पर बैंड बाजे ने धर्म जुलूस तथा महाराणा प्रताप चौक के निकट गैर अखाड़े द्वारा ढफ नगाड़ों की धुन पर मंगल गीत गाकर आचार्य व धवल सेना की अगवानी की गई।
आज का प्रवचन सुराणा भवन में हुआ। वहां उपस्थित विशाल जनमेदिनी को आचार्यश्री ने पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि जीवन में प्रवृत्ति के तीन साधनों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि वाणी के द्वारा किसी पर झूठ आरोप लगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए व मन में किसी के प्रति द्वेष की भावना ना बने। आदमी का मन दुर्मन नहीं, सुमन बना रहे। इससे पहले मुख्य नियोजका साध्वी विश्रुत विभा ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया
कार्यक्रम में आचार्य महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति सादुलपुर के अध्यक्ष रतनलाल सेठिया, निर्मल बोथरा, उम्मेद मालू, श्रीमती मधु सेठिया, ऊषा दूगड़, मनीष घीया, श्रीमती प्रेम कोचर आदि ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। तेरापंथ महिला मण्डल, तेरापंथ कन्या मण्डल, तेरापंथ युवक परिषद, सेठिया परिवार, श्रीमती नीतू सेठिया, श्रीमती संगीता सेठिया, सुश्री भावना शर्मा, तथा तेरापंथ कन्या मण्डल सरदारशहर ने पृथक्-पृथक् गीतों के माध्यम से आचार्य का अभिनंदन किया। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
सेठिया अतिथि भवन में विधायक डॉ. कृष्णा पूनियां, पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां, पूर्व विधायक श्रीमती कमला कस्वां, पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, राजस्थान वक्फ बोर्ड के सदस्य लाल मोहम्मद भियानी, सर्वहितकारिणी सभा के मंत्री योगेश शर्मा आदि ने भी आचार्य श्री के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

Comments

Popular posts from this blog

राजपूत समाज की सबसे दबग महिला क्षत्राणी - Manjeet Kirtiraj Singh (मंजीत कीर्तिराज सिंह )

राजगढ़ सादुलपुर होकर बीकानेर तक प्रस्तावित ट्रेन सियालदाह - नई दिल्ली दुरंतो एक्सप्रेस.......

सम्राट पृथ्वीराज चौहान जयंती