आज बात करते हैं राजपूत समाज की सबसे दबग महिला क्षत्राणी जो समाज के हर आंदोलन में सबसे आगे रहती हैं - Manjeet Kirtiraj Singh (मंजीत कीर्तिराज सिंह ) जीवन परिचय मंजीत कीर्तिराज सिंह का - Manjeet Kirtiraj Singh का जन्म 19 जुलाई 1980 को मध्यप्रदेश की तहसील अंजड़, बड़वानी जिला में हुआ, ये अंतिम हिंदू राजपूत सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 24वी पीढ़ी से आती हैं। शादी - मंजीत कीर्तिराज सिंह ( manjeetkirtirajsingh ) की शादी तोमर राजपूत घराने में कीर्तिराज सिंह जी तोमर के साथ हुई, इनके पति कीर्तिराज सिंह अपने नाम होने के कारण अपने नाम के पीछे पति का नाम लगाती हैं, इनके पति कीर्तिराज सिंह जो icic बैंक में मैनेजर हैं, जो इंदौर निवास करते हैं। राजनैतिक में Manjeet Kirtiraj Singh - हर एक वक्ती किसी ना किसी राजनैतिक पार्टी सै जुड़ा होता हैं इसी में मंजीत कीर्तिराज सिंह जो करणी सेना में आने सै पहले अपने राजनैतिक गुरु मंत्री तुलसिराम सिलावट के साथ 2006 सै कांग्रेस में रही। फ़िल्म पदमावत 2018 (पद्मावती ) - 2018 में फ़िल्म पद्मावती जो बॉलीवुड ने भारत के राजपूतों के इतिहास...
आप सभी को वेसे पता है १८ सितंबर को पुरे हिन्दुस्तान में क्षत्रिय सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार जी की जयंती बनाते हैं ..... क्षत्रियों को सबसे पहले स्वधर्म आधारित दिनचर्या अर्थात योग, प्राणायाम और व्यायाम के साथ कोई एक मार्शल आर्ट नित्य कर्म में शामिल करनी चाहिए, क्योंकि इतिहास में यवनों, शकों, हूणों, मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक न हमें मार्शल कौम ही बताया है, लेकिन आज उस मार्शल कौम के सैनिक 15 मिनट धूप में नहीं खड़े हो पाते हैं। क्योंकि अब उनके शरीर में शुद्ध अनाज, घी दूध व बलवर्धक भोज्य पदार्थों की जगह दारू, मांस और फ़ास्ट फ़ूड ने ले ली है। अब बचा है तो बस गाड़ी, घर पर वंश की पहचान लिखाकर स्वैग में चलना। वैदिक अर्थो में वर्तमान में बहुत कम क्षत्रिय बचे हैं जो आज भी अपनी प्राचीन दिनचर्या का पालन करते हैं ..... उन्हीं की संतानें भविष्य में नेतृत्व देंगी, लेकिन उनकी भी संख्या सीमित होने से एक सीमित क्षेत्र में ही वह प्रभाव जमा पाएंगे। मनुस्मृति सहित श्रीकृष्ण गीता में मादक पदार्थों का सेवन क्षत्रिय वर्ण के लिए सर्वथा वर्जित है। यहां तक कि स्वयं एक बार सम्राट अशोक को कुछ बीमारी थी, जिस...
राजगढ़ सादुलपुर में ही नहीं पूरे प्रदेश में राजस्थान पुलिस कोरोना वायरस के खतरे के इस संकट के समय में मुस्तैदी से दिन रात ड्यूटी देती नजर आ रही है। प्रदेशभर में पुलिस प्रशासन जिस प्रकार की जिम्मेदारी निभा रहा है, वह सराहनीय है और राजगढ़ सादुलपुर में जिस प्रकार की व्यवस्थाएं हैं, वह तो उल्लेखनीय हैं। इसके बावजूद दिन रात ड्यूटी कर रहे पुलिस वालों को ना सरकार समुचित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवा पा रही नजर आती है तथा ना ही हमारी रक्षा के लिए इस समय मुस्तैद पुलिसकर्मियों को हम लोग आवश्यक सुविधाएं दे पा रहे हैं। हालांकि सराहनीय बात यह भी है कि राजगढ़ सादुलपुर कस्बे में सेवाभावी युवक तथा स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी समझकर ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों के लिए चाय, अल्पाहार नाश्ते व फल फ्रूट की सीमित की व्यवस्थाओं में लगे नजर आते हैं। पुलिसकर्मियों को मास्क भी उपलब्ध करवाए गए हैं, मगर सबसे बड़ी समस्या है। कि पुलिसकर्मियों उनके पास ना तो पीने के लिए शुद्ध जल उपलब्ध रहता है और ना ही उनके पास सैनिटाइजर होता है। 5 अप्रैल को जब मैं कस्बे में घूम कर जानकारी ले रहा था...
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