हमारे समाज में ईमानदारी एवं जमीर जिंदा है

आज भी हमारे समाज में ईमानदारी एवं जमीर जिंदा है - काजला 
सादुलपुर, राजगढ तहसील के गाँव नूहन्द निवासी ई-मित्र संचालक संचालक सुरेन्द्र सिंह शेखावत नें अज्ञात महिला के गिरे पर्स में रखे सोने का सवा तोला का हार व नगदी के बारे में सोशल मीडिया पर अपलोड कर असली मालिक की पहचान कर उसे लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। प्रकरण अनुसार बुधवार को ई-मित्र संचालक सुरेंद्र सिंह शेखावत जब अपने घर पर लौट रहे थे, तो उन्हें रास्ते में गिरा एक पर्स मिला, जिसमें सोने का हार व कुछ नगदी थी। मगर शेखावत नें ईमानदारी का परिचय देते हुए सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप पर पर्स का फोटो अपलोड कर वायरल किया तथा उन्होंने कुछ लोगों को बताया कि इस- इस तरीके से उन्हें यह पर्स मिला है, मैं चाहता हूँ कि यह जिसका भी है उसे मिले।
 जिस पर बीते रोज पता चला कि उक्त पर्स गूर्गा कंवर, जिसके पति विजय सिंह पेंटर का काम करते हंै उसका होना पाया तथा सुरेन्द्र सिंह नें हार व नगदी की असली मालिक गूर्गा कंवर की पहचान कर उन्हें लौटा दिया। गूर्गा कंवर नें सुरेन्द्र सिंह शेखावत को बताया कि दो रोज पूर्व से उनके घर में मातम छाया हुआ था, तथा आज मुझे मेरा हार वापस मिलने से बेहद खुशी हो रही है। इस मौके पर उपस्थित ग्राम्य भारत महा अभियान संयोजक संदीप काजला, सेवानिवृत्त सैनिक मूल सिंह शेखावत, केसरी सिंह, प्रदीप सांगवान इत्यादि नें कहा कि सुरेंद्र सिंह शेखावत की इमानदारी से नौजवान पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए और जीवन में सच्चाई एवं ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए। वहीं गाँव नूहन्द में काफी चर्चा का विषय रहा, जिसमें सभी लोगों ने ई-मित्र संचालक नूहन्द निवासी सुरेंद्र सिंह शेखावत की ईमानदारी की मुक्त कंठ से सराहना की। गौरतलब है कि पर्स में मिले हार की अनुमानित लागत करीबन 60 से 65 हजार रूपये थी तथा पर्स में 300 रूपये नगदी मिले थे।

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